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Article: ओयली स्किन के लिए प्राइमर: गर्मियों में मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखने का राज

ओयली स्किन के लिए प्राइमर - Hindi - SUGAR Cosmetics
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ओयली स्किन के लिए प्राइमर: गर्मियों में मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखने का राज

क्या प्राइमर वाकई ओयली स्किन के लिए काम करता है?

देखा जाए तो, जब हमारी स्किन ऑयली होती है, तो फाउंडेशन, कंसीलर और यहाँ तक कि लिपस्टिक भी घंटों में गायब हो जाती है। गर्मियों की नमी और पसीने में मेकअप पिघलने लगता है और चेहरे पर चिपचिपा महसूस होने लगता है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? असल में, हमारी स्किन की प्राकृतिक तेल (सीबम) फाउंडेशन को अपनी जगह से उखाड़ देती है और नमी उसे और भी तेज़ी से पिघला देती है। इसका नतीजा? फाउंडेशन के दाग, चमक और मेकअप का पूरी तरह से खराब होना। लेकिन इसका एक सरल समाधान है - एक अच्छा प्राइमर। एक मैटिफाइंग प्राइमर आपकी स्किन और मेकअप के बीच एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे वे दोनों एक-दूसरे से लड़ना बंद कर देते हैं। यह चार बड़ी समस्याओं को ठीक करता है: बारीक पोर्स जो दिखने में बड़े लगते हैं, दोपहर तक दिखने वाली चमक, फाउंडेशन का फिसलना और स्किन के अलग-अलग हिस्सों का बेमेल दिखना। और हाँ, SUGAR Cosmetics का Base Of Glory Pore Minimizing Primer एक बेहतरीन मैटिफाइंग और पोर-ब्लरिंग बेस है जो वेगन और क्रुएल्टी-फ्री है।

ओयली स्किन के लिए प्राइमर कैसे काम करता है, साइंटिफिकली?

Blend Trend Face Brush - 007 Powder

क्या आपने कभी सोचा है कि प्राइमर के अंदर ऐसा क्या है जो उसे इतना असरदार बनाता है? दरअसल, पोर-ब्लरिंग प्राइमर में Base Of Glory Pore Minimizing Primer जैसे सिलिकॉन-आधारित पॉलीमर्स होते हैं। ये बारीक पोर्स के आसपास की छोटी-छोटी ऊबड़-खाबड़ जगहों को भर देते हैं, जिससे एक चिकनी सतह बन जाती है। यह पोर के साइज़ में कोई स्थायी बदलाव नहीं है, बल्कि एक ऑप्टिकल इफेक्ट है जो उन्हें छोटा दिखाता है। इसके अलावा, प्राइमर एक पतली और सांस लेने लायक फिल्म बनाता है जो डबल-साइडेड टेप की तरह काम करती है और फाउंडेशन को आपकी स्किन से चिपकाए रखती है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कॉस्मेटिक साइंस की रिसर्च भी बताती है कि फिल्म-फॉर्मिंग पॉलीमर्स मेकअप की टिकाऊपन और ट्रांसफर-रेसिस्टेंस को बेहतर बनाते हैं। खासकर भारतीय स्किन के लिए, जो अक्सर फिट्ज़पैट्रिक III-V रेंज में आती है, गर्म और आर्द्र (ह्यूमिड) जलवायु में सीबम का उत्पादन बहुत अधिक होता है, जिससे प्राइमर का उपयोग और भी ज़रूरी हो जाता है।

प्राइमर को सही तरीके से कैसे लगाएं?

प्राइमर लगाना बहुत आसान है, लेकिन अगर इसे गलत तरीके से किया जाए, तो यह कोई फायदा नहीं देगा। सबसे पहले अपनी स्किनकेयर रूटीन पूरी करें - क्लींजर, सीरम और एक हल्का मॉइस्चराइज़र। इसे पूरी तरह से सोखने के लिए कम से कम 60 सेकंड का इंतज़ार करें। अब प्राइमर को अपनी सूखी स्किन पर लगाएं, गीली स्किन पर कभी नहीं। पूरे फेस के लिए मटर के दाने के बराबर मात्रा काफी है। इससे ज़्यादा लगाने पर पिलिंग (छोटे गोले बनना) हो सकती है और फाउंडेशन फिसलने लगेगा। अब अपनी उंगलियों के बीच थोड़ी मात्रा लें और धीरे से दबाएं या थपथपाएं, रगड़ें नहीं। इससे प्राइमर पोर्स में अच्छी तरह सेट हो जाएगा। इसके बाद 30-60 सेकंड का इंतज़ार करें जब तक कि प्राइमर थोड़ा चिपचिपा न हो जाए। यह SUGAR Cosmetics Method है - तैयारी समझदारी से करें, लगाने में इरादा रखें और सेट करके लॉक करें।

ह्यूमिडिटी-प्रूफ बेस कैसे बनाएं?

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प्राइमर लगाने के बाद अगला कदम फाउंडेशन है। SUGAR Cosmetics का Ace Of Face Foundation Stick भारतीय स्किन टोन के लिए बेहतरीन है। इसे पतली परतों में लगाएं और ज़रूरत के हिसाब से ही बिल्ड करें। एक ही मोटी परत गर्म और नमी वाली हवा में फट सकती है और अलग होने लग सकती है। जब फाउंडेशन लग जाए, तो T-zone (माथे, नाक और ठुड्डी) पर All Set To Go Translucent Face Powder की हल्की dusting करें। पाउडर को ब्रश से दबाएं, न कि झाड़ें, ताकि बेस खराब न हो। याद रखें, प्राइमर, फाउंडेशन और सेटिंग पाउडर - ये तीन चीज़ें मिलकर ही एक लंबे समय तक चलने वाला मेकअप बेस बनाती हैं।

सबसे आम प्राइमर गलतियाँ कौन सी हैं?

बहुत से लोग प्राइमर का उपयोग करते समय कुछ ऐसी गलतियाँ करते हैं जिनसे उनका मेकअप जल्दी खराब हो जाता है। पहली गलती - बहुत ज़्यादा प्राइमर का उपयोग करना। इससे पिलिंग होती है और फाउंडेशन फिसलने लगता है। इसका समाधान है कि मटर के दाने के बराबर मात्रा का उपयोग करें और इसे रगड़ने के बजाय दबाएं। दूसरी गलती - सेटिंग स्टेप को छोड़ देना। अगर आप T-zone पर पाउडर नहीं लगाते हैं, तो कुछ ही घंटों में चमक और फिसलन वापस आ जाएगी। और हाँ, अगर आप ब्लेंड करते समय उत्पाद के गोले बनते देखते हैं, तो रुकें और कम उत्पाद के साथ फिर से शुरू करें। बिना सेटिंग के, ओयली स्किन पर मेकअप जल्दी फीका पड़ जाता है और यह सबसे बड़ी गलती है।

गर्मियों की नमी में मेकअप को टिकाए रखने के लिए:

  • अपने सीबम और फाउंडेशन के बीच एक मैटिफाइंग बफर बनाने के लिए Base Of Glory Pore Minimizing Primer का उपयोग करें।
  • पोर-ब्लरिंग इफेक्ट के लिए सिलिकॉन-आधारित पॉलीमर्स वाले प्राइमर चुनें।
  • फाउंडेशन से पहले प्राइमर को पूरी तरह सेट होने के लिए 30-60 सेकंड का समय दें।
  • हमेशा T-zone पर सेटिंग पाउडर का उपयोग करें ताकि चमक को रोका जा सके।
  • याद रखें: प्राइमर, फाउंडेशन और पाउडर - यह तिकड़ी ही लंबे समय तक चलने वाले मेकअप की कुंजी है।

आज ही अपने मेकअप रूटीन में SUGAR Cosmetics के Base Of Glory Pore Minimizing Primer को शामिल करें और अपने मेकअप को पूरे दिन फ्रेश और फ्लॉलेस रखें। आप इसे SUGAR Cosmetics की वेबसाइट या SUGAR ऐप पर आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न प्राइमर कब लगाना चाहिए

ऑयली स्किन के लिए प्राइमर कब लगाना चाहिए?

ऑयली स्किन के लिए प्राइमर हमेशा मॉइस्चराइज़र के बाद और फाउंडेशन से पहले लगाना चाहिए। पहले चेहरा धोकर हल्का ऑयल-फ्री मॉइस्चराइज़र लगाएं, उसे 2-3 मिनट सूखने दें, फिर मटर के दाने जितना प्राइमर लें। इसे पूरे चेहरे पर, खासकर टी-ज़ोन यानी माथा, नाक और ठुड्डी पर अच्छे से ब्लेंड करें। शादी या नवरात्रि जैसे लंबे फंक्शन के लिए यह स्टेप कभी न छोड़ें, वरना मेकअप जल्दी पिघल जाता है। सही टाइमिंग से मेकअप पूरे दिन फ्रेश और मैट रहता है।

क्या ऑयली स्किन पर प्राइमर लगाना सुरक्षित है?

जी हाँ, ऑयली स्किन पर प्राइमर लगाना पूरी तरह सुरक्षित है, बशर्ते आप ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक फॉर्मूला चुनें। ऐसे प्राइमर पोर्स को बंद नहीं करते और पिंपल्स का खतरा नहीं बढ़ाते। सिलिकॉन-बेस्ड मैटीफाइंग प्राइमर एक्स्ट्रा ऑयल सोख लेते हैं और स्किन पर हल्के महसूस होते हैं। बस लगाने से पहले पैच टेस्ट ज़रूर करें, खासकर अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है। रात को सोने से पहले पूरा मेकअप और प्राइमर अच्छे से हटाना न भूलें, ताकि स्किन साफ और हेल्दी बनी रहे।

बिना प्राइमर के भी क्या मेकअप टिक सकता है?

बिना प्राइमर के मेकअप टिक तो सकता है, लेकिन ऑयली स्किन और भारतीय ह्यूमिडिटी में यह जल्दी फीका और पैची हो जाता है। प्राइमर एक स्मूद बेस बनाता है जिस पर फाउंडेशन आसानी से बैठता है और घंटों तक मैट रहता है। अगर बजट में प्राइमर नहीं है, तो ऑयल-फ्री मॉइस्चराइज़र और सेटिंग पाउडर का कॉम्बो थोड़ी मदद करता है। पर कॉलेज लुक या दिनभर के फंक्शन के लिए एक अच्छा प्राइमर मेहेंगाई में भी सबसे सस्ता निवेश साबित होता है।

गर्मी और पसीने में ऑयली स्किन के लिए कौन सा प्राइमर सबसे अच्छा है?

गर्मी और पसीने में ऑयली स्किन के लिए मैटीफाइंग और वॉटर-रेसिस्टेंट जेल-बेस्ड प्राइमर सबसे अच्छा रहता है। ऐसे फॉर्मूले एक्स्ट्रा शाइन कंट्रोल करते हैं और पोर्स को भरकर बेस को स्मूद बनाते हैं। ऑयल-कंट्रोल क्लेम वाले या नियासिनामाइड युक्त प्राइमर हाई ह्यूमिडिटी में भी मेकअप को फिसलने नहीं देते। दिल्ली, मुंबई या राजस्थान की चिपचिपी गर्मी में इनके ऊपर लाइट सेटिंग स्प्रे लगाएं। दीवाली या ईद के दिन घंटों बाहर रहने पर भी आपका लुक फ्रेश दिखेगा, चेहरा तेलिया नहीं लगेगा।

प्राइमर और फाउंडेशन में क्या फर्क है?

प्राइमर और फाउंडेशन दोनों अलग काम करते हैं — प्राइमर स्किन को तैयार करता है जबकि फाउंडेशन रंगत को एक-सा बनाता है। प्राइमर एक बेस लेयर है जो पोर्स भरता है, ऑयल कंट्रोल करता है और मेकअप को टिकाऊ बनाता है, इसमें कोई कवरेज नहीं होती। फाउंडेशन के बाद स्किन टोन इवन दिखती है और दाग-धब्बे छिपते हैं। सही तरीका है पहले प्राइमर, फिर फाउंडेशन। दोनों साथ इस्तेमाल करने से शादी के मेकअप जैसा फ्लॉलेस और लॉन्ग-लास्टिंग लुक मिलता है, चाहे मौसम कितना भी ह्यूमिड हो।

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